आज का राहु काल · रविवार, 18 अक्टूबर 2026 · कोलकाता
3:42 PM – 5:09 PM
- यमगण्ड
- 11:22 AM – 12:48 PM
- गुलिक काल
- 2:15 PM – 3:42 PM
- सूर्योदय
- 5:34 AM
- सूर्यास्त
- 5:09 PM
अगले 7 दिन
| तारीख | राहु काल | यमगण्ड | गुलिक काल |
|---|---|---|---|
| रविवार, 18 अक्टूबर 2026 | 3:42 PM – 5:09 PM | 11:22 AM – 12:48 PM | 2:15 PM – 3:42 PM |
| सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 | 7:01 AM – 8:28 AM | 9:55 AM – 11:21 AM | 12:48 PM – 2:15 PM |
| मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 | 2:14 PM – 3:41 PM | 8:28 AM – 9:55 AM | 11:21 AM – 12:48 PM |
| बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 | 11:21 AM – 12:47 PM | 7:02 AM – 8:28 AM | 9:55 AM – 11:21 AM |
| गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 | 12:47 PM – 2:13 PM | 5:36 AM – 7:02 AM | 8:28 AM – 9:55 AM |
| शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 | 9:55 AM – 11:21 AM | 2:13 PM – 3:39 PM | 7:02 AM – 8:29 AM |
| शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 | 8:29 AM – 9:55 AM | 12:47 PM – 2:13 PM | 5:37 AM – 7:03 AM |
कोलकाता में हर वार का राहु काल
| वार | दिन का भाग | इस सप्ताह |
|---|---|---|
| रविवार | आठवाँ भाग | 3:42 PM – 5:09 PM |
| सोमवार | दूसरा भाग | 7:01 AM – 8:28 AM |
| मंगलवार | सातवाँ भाग | 2:14 PM – 3:41 PM |
| बुधवार | पाँचवाँ भाग | 11:21 AM – 12:47 PM |
| गुरुवार | छठा भाग | 12:47 PM – 2:13 PM |
| शुक्रवार | चौथा भाग | 9:55 AM – 11:21 AM |
| शनिवार | तीसरा भाग | 8:29 AM – 9:55 AM |
समय ऋतु के साथ कुछ मिनट खिसकता है; सबसे ऊपर का बॉक्स हमेशा आज का समय दिखाता है।
राहु काल क्या है
राहु काल दिन का लगभग डेढ़ घंटे का वह भाग है जो छाया ग्रह राहु से जुड़ा माना जाता है। सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है, और हर वार एक तय भाग राहु काल होता है: सोमवार को दूसरा, शनिवार को तीसरा, शुक्रवार को चौथा, बुधवार को पाँचवाँ, गुरुवार को छठा, मंगलवार को सातवाँ और रविवार को आठवाँ।
दक्षिण भारत में यह विशेष रूप से माना जाता है, और अब पूरे देश में लोग नया काम शुरू करने से पहले इसे देखते हैं। कोलकाता में दिन की लंबाई ऋतु के साथ बदलती है, इसलिए राहु काल कभी डेढ़ घंटे से थोड़ा कम और कभी अधिक होता है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कोलकाता में आज राहु काल कितने बजे है?
ऊपर का बॉक्स हर दिन कोलकाता के सूर्योदय-सूर्यास्त से अपने-आप समय निकालता है। उदाहरण के लिए, 18 अक्टूबर 2026 (रविवार) को राहु काल 3:42 PM – 5:09 PM था।
कोलकाता का राहु काल दिल्ली से अलग क्यों है?
राहु काल स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को आठ बराबर भागों में बाँटकर निकलता है। हर शहर का सूर्योदय और दिन की लंबाई अलग होती है, इसलिए समय भी कुछ मिनट से लेकर आधे घंटे से अधिक तक अलग हो सकता है।
क्या हर सोमवार राहु काल एक ही समय होता है?
वार के अनुसार भाग वही रहता है (सोमवार को दूसरा भाग), पर ऋतु के साथ सूर्योदय और दिन की लंबाई बदलती है, इसलिए घड़ी का समय पूरे वर्ष थोड़ा-थोड़ा खिसकता रहता है।
राहु काल में क्या नहीं करना चाहिए?
परंपरा से राहु काल में नए काम की शुरुआत, गृह-प्रवेश, सौदे, यात्रा का आरंभ या शुभ संस्कार नहीं किए जाते। पहले से चल रहे काम, रोज़ की पूजा और राहु शांति के उपाय इस समय किए जा सकते हैं।
यमगण्ड और गुलिक काल क्या हैं?
ये भी दिन के आठ भागों में से एक-एक भाग हैं जिन्हें शुभ आरंभ के लिए टाला जाता है। यमगण्ड को राहु काल जैसा ही अशुभ माना जाता है; गुलिक काल में शुरू किया काम दोहराया जाता है, इसलिए इसमें केवल वे काम करें जिन्हें आप दोहराना चाहें।