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शनि गोचर · मकर चंद्र राशि

मकर राशि की साढ़े साती 2046–2055

मकर चंद्र राशि पर अभी साढ़े साती नहीं है (अभी: न साढ़े साती, न ढैया)। अगली साढ़े साती 7 दिस॰ 2046 से 4 फ़र॰ 2055 तक रहेगी।

अद्यतन: 18 अक्टू॰ 2026 · भारतीय (निरयण, लाहिड़ी) गणना

मकर की साढ़े साती 2046–2055: तीनों चरण

चरणशनि कहाँआरंभसमाप्त
पहला चरणशनि धनु में (चंद्र से 12वाँ)7 दिस॰ 20465 मार्च 2049
दूसरा (मध्य) चरणशनि मकर में (चंद्र पर)6 मार्च 204924 फ़र॰ 2052
तीसरा चरणशनि कुंभ में (चंद्र से 2रा)25 फ़र॰ 20524 फ़र॰ 2055

चरणों की तारीख़ें शनि के पहली बार राशि में आगे बढ़कर प्रवेश करने की हैं। वक्री (उल्टी) चाल में शनि कुछ महीनों के लिए पिछली राशि में लौट सकता है; नीचे पूरी चाल दी गई है।

इस साढ़े साती में शनि की चाल

तारीख़शनिचाल
7 दिस॰ 2046धनुआगे बढ़कर प्रवेश
6 मार्च 2049मकरआगे बढ़कर प्रवेश
10 जुला॰ 2049धनुवक्री होकर वापस
4 दिस॰ 2049मकरआगे बढ़कर प्रवेश
25 फ़र॰ 2052कुंभआगे बढ़कर प्रवेश
14 मई 2054मीनआगे बढ़कर प्रवेश
2 सित॰ 2054कुंभवक्री होकर वापस
5 फ़र॰ 2055मीनआगे बढ़कर प्रवेश; साढ़े साती समाप्त

मकर राशि: वर्ष-दर-वर्ष शनि की स्थिति

वर्षस्थिति
2026न साढ़े साती, न ढैया (पूरा वर्ष)
20271 जन॰ – 2 जून: न साढ़े साती, न ढैया
3 जून – 19 अक्टू॰: ढैया (कंटक शनि, चौथा भाव)
20 अक्टू॰ – 31 दिस॰: न साढ़े साती, न ढैया
20281 जन॰ – 22 फ़र॰: न साढ़े साती, न ढैया
23 फ़र॰ – 31 दिस॰: ढैया (कंटक शनि, चौथा भाव)
20291 जन॰ – 7 अग॰: ढैया (कंटक शनि, चौथा भाव)
8 अग॰ – 4 अक्टू॰: न साढ़े साती, न ढैया
5 अक्टू॰ – 31 दिस॰: ढैया (कंटक शनि, चौथा भाव)
20301 जन॰ – 16 अप्रैल: ढैया (कंटक शनि, चौथा भाव)
17 अप्रैल – 31 दिस॰: न साढ़े साती, न ढैया

मकर वालों के लिए हर चरण का अर्थ

पहला चरण (शनि धनु में, चंद्र से बारहवाँ): खर्च, यात्रा, नींद में बाधा और अकेलेपन का भाव। पुरानी चीज़ें छूटती हैं; साधना और बचत के लिए अच्छा समय।

दूसरा चरण (शनि मकर में, ठीक चंद्रमा पर): सबसे भारी हिस्सा। ज़िम्मेदारी और थकान बढ़ती है, फल देर से मिलते हैं, मन पर दबाव रहता है। नियमित दिनचर्या, स्वास्थ्य पर ध्यान और बड़े जोखिमों से बचना सहायक है।

तीसरा चरण (शनि कुंभ में, चंद्र से दूसरा): धन, वाणी और परिवार के मामलों में सावधानी। दबाव धीरे-धीरे घटता है और मेहनत का फल दिखने लगता है।

मकर के स्वामी स्वयं शनि हैं, इसलिए परंपरा मानती है कि मकर वालों के लिए साढ़े साती अपेक्षाकृत हल्की रहती है। दूसरे चरण में शनि अपनी राशि मकर में रहता है, इसलिए यह चरण अपेक्षाकृत सहज माना जाता है। तीसरे चरण में शनि अपनी राशि कुंभ में रहता है, इसलिए यह चरण अपेक्षाकृत सहज माना जाता है। आपकी अपनी कुंडली में शनि की स्थिति, दशा और अष्टकवर्ग से असर बहुत बदल जाता है; साढ़े साती हर किसी के लिए बुरी नहीं होती।

मकर पर ढैया (ढाई साल)

ढैया तब होती है जब शनि चंद्र राशि से चौथे (कंटक शनि) या आठवें (अष्टम शनि) भाव में हो। अगली ढैया:

मकर की पिछली और आगे की साढ़े साती

अवधिआरंभमध्य चरणसमाप्त
2017–202526 जन॰ 201724 जन॰ 202028 मार्च 2025

साढ़े साती के उपाय

रत्न (जैसे नीलम) बिना अपनी पूरी कुंडली दिखाए न पहनें।

अपनी कुंडली से देखें। दोष जाँच में जन्म-विवरण भरकर अपनी सटीक साढ़े साती तिथियाँ देखें, या मकर का 2026–27 गोचर फल पढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या अभी मकर राशि पर साढ़े साती है?

नहीं। अभी मकर की स्थिति: न साढ़े साती, न ढैया। अगली साढ़े साती 7 दिस॰ 2046 से शुरू होगी।

क्या 2026 में मकर राशि पर साढ़े साती है?

नहीं। 2026 में मकर पर साढ़े साती नहीं है। उस वर्ष की स्थिति: न साढ़े साती, न ढैया (पूरा वर्ष)।

क्या 2027 में मकर राशि पर साढ़े साती है?

नहीं। 2027 में मकर पर साढ़े साती नहीं है। उस वर्ष की स्थिति: 1 जन॰ – 2 जून: न साढ़े साती, न ढैया; 3 जून – 19 अक्टू॰: ढैया (कंटक शनि, चौथा भाव); 20 अक्टू॰ – 31 दिस॰: न साढ़े साती, न ढैया।

क्या 2028 में मकर राशि पर साढ़े साती है?

नहीं। 2028 में मकर पर साढ़े साती नहीं है। उस वर्ष की स्थिति: 1 जन॰ – 22 फ़र॰: न साढ़े साती, न ढैया; 23 फ़र॰ – 31 दिस॰: ढैया (कंटक शनि, चौथा भाव)।

मकर की अगली साढ़े साती कब है?

अगली साढ़े साती 7 दिस॰ 2046 से 4 फ़र॰ 2055 तक रहेगी। शनि को बारहों राशियों का चक्कर लगाने में लगभग 29½ वर्ष लगते हैं, इसलिए साढ़े साती लगभग हर तीस वर्ष में लौटती है।

क्या यह मेरी लग्न राशि से देखी जाती है या चंद्र राशि से?

साढ़े साती जन्म के समय चंद्रमा की राशि (चंद्र राशि) से देखी जाती है, लग्न या सूर्य राशि से नहीं। अपनी चंद्र राशि नक्षत्र खोजक में देखें।

दूसरी राशियों की साढ़े साती

ज्योतिष एक पारंपरिक पद्धति है, विज्ञान नहीं। इसे शनि की चाल के कैलेंडर की तरह देखें, और किसी बड़े निर्णय से पहले किसी भरोसेमंद ज्योतिषी से बात करें।